दुनिया की खोकली बातें !
जब जब राही कदम बड़ाओगे..! कठीन राह में लडखड़ाओगे ..! तो कभी किसी कि चाह में हड़बड़ाओगे..! तुम नहीं कर शकते..! तुम तो नहीं ही कर शकते..! उफ! ये दुनिया की खोकली बातें..! कैसे में समझाऊँ तुमने जो देखा वो मेरा स्वरूप है..! मैंने जो दिखाया वो मेरा रूप है..! मंजिल तुम्हारी है..! राह भी तुम्हारी है..! तो साथ दुनिया का ऐसी खोकली उम्मीद क्यों..? राही दुनिया तब तक साथ चलती है, जब तक परछाई कदमों में गिरती है..! देख कर तरकी दुनिया जलती है..! देख गिरता उनको खुशियाँ मिलती है..! चलो चले राही इतिहास बनाते हैं..! अविश्वशनिय दुनिया को कुछ कर दिखाते हैं..! राही चलते रहो कभी अंधेरा, कभी सवेरा होगा..! राही देखना एक दिन इतिहास का सवेरा होगा..! -रावल
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
