गझल : बस तेरे लिए
रो रहा है दिल ये सनम तेरे लिए कुछ तो दे गया दिल बस तेरे लिए मायुसी छाई हुई ये हसी चेहरे पर गुम हुआ ये दिल बस तेरे लिए बहोत दिनो से तुम्हें देखा नहीं सनम चाहत भरी ये निगाहें बस तेरे लिए खोया सा मै गेसुओं मे तू याद आने लगे हर पल बिताया है जो बस तेरे लिए हाथो मे हाथ है जीवन भर का सनम थामा जो दिल ने तुम्हें बस मेरे लिए गझल : धनराज नथू बाविस्कर मो. : ९०१६०३१७१२
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