वो एक अधुरी कहाणी.... ❤️🩹
वो आया… एक दिन घर पे, शादी का कार्ड लेकर….. और बोला — “शादी में जरुर आना…” मैं मुस्कुराई और फिर पूछा — “कौन है वो?” “क्या है वो मुझसे भी ज़्यादा ख़ूबसूरत?” या फिर… “मन भर गया था मेरा साथ ? इसलिए जोड़ लिया रिश्ता किसी और के साथ” वो हंसा… और कहने लगा — “पगली… तुझे ही तो बनाना था मेरे घर की बहू, पर घरवालों के आगे… आज तक किसी की कहा चली ?” मैंने हल्का मुस्कुराते हुए कहा — “इतने से इंकार से डर गया तू? मुझे तो लगा था… मेरे लिए दुनिया से लड़ जाएगा तू।” “पर छोड़ यार, सिर्फ मेरे चाहने से सब नहीं न होगा, थोड़ी कोशिश… तुम्हे भी तो करनी चाहिए थी ।” वो बोला — “शायद… हम दोनों का साथ किस्मत में ही नहीं लिखा था…”? मैंने कहा — “अगर कोशिश दिल से की होती, तो शायद किस्मत भी बदल जाती…” “और आज… उस कार्ड पर… उसके जगह मेरा नाम होता…” 💔 An emotional love story of unfulfilled feelings and lost destiny.
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