जनहित में जारी
शहर में बाजी है पूर्ण मात्रा में चेतावनी की घंटी, आग लगी है बहुत गंभीर जंगल में। जल गए सारे पेड़ और नाश हो गई सारी जिंदगियां, क्या इंसान और क्या ही जानवर दैवीय आपदा आई तो सबको साथ मार गिराई, भेद भाव के सारे रूप यह फेल हुए, विनाश काल सर पर है, अब तो आंखे खोलके अपने मूर्खता और अंधविश्वास को पहचान ओ इंसान, इससे पहले के रहने का घर और खाने का खाना भी तेरे हाथों से चीन लिया जाए।
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