कभी सोचना
तुम आशिकों के लिए होगा 14 फरबरी को वेलेंटाइन day पर जरा उस मां से पूछा ओ दुःख जिसने अपना घर चिराग घोया जरा पूछो उस बहन से जो आज के बाद अपने भाई को राखी नहीं बांध पाएगी जरा पूछो उस दुल्हन से ओ दुख जिसका पूरा सुहाग उजड़ गया है पूछना उस नन्ही सी परी से जिसने अपने पापा खो दिए जिसने चलना सीखना था उनकी उंगली पकड़ कर कभी 1० मिनट सोचना उन परिवारों के बारे में जिसके घर के जलते चिराग बुझ गए हैं और उस फौजी के लिए जिसने आखिरी बार भी अपनों को नहीं देखा ।
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