सोरठा
होना नहीं निराश, बढ़े चलो विश्वास रख। बनकर रहो न लाश, यत्न सदा करते रहो।। मन में हो उत्साह, रखना ऊँची कामना। चुनना उत्तम राह, होना जीवन में सफल।। तोड़ो आलस पाश, समझो काँटों को सुमन। जो नर रहे निराश, लक्ष्य उसे मिलता नहीं।। त्यागो तुम आराम, बहे स्वेद अति देह से । चाहो जग में नाम, करना होगा श्रम अधिक।। मन में दृढ़ विश्वास, निश्चय रखना तुम अटल। जीवन होगा खास,सच्चाई को जान लो।। नरेंद्र सिंह 07.05.2025
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