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छोटी सी उम्र मे ,ब्याह के वो आई, प्यार ना मिला, उसको किसी का, बस इतना थी, वो चाहती, पति से प्यार और ससुराल से सम्मान...।। गालियों के सिवा ,कुछ ना मिला उसको, सब कुछ सह कभी, ना बोला किसी को, अपने आसूंओ को पी, दर्द ने मारा अंदर से उसको, शायद कभी ना समझा ,उसके पति ने उसको, जिसके लिए सब कुछ ,त्याग कर आई सबसे दूर, उसके सिवा किसी की तरफ ,ना देखा सिर उठा के उसने, उसी से धोखा मिला उसको, खुद को समेट , कमजोर ना समझा उसने खुद को , बस अपने बच्चों के खातिर सब कुछ सहती,अकेले में अपने आसूंओ को रोक ना पाती.. अब तक जिसे समझा hero, वो निकले हमें समझने में zero। माना पैसे से दुनिया चलती, प्यार बिना फीकी लगती...।। दर्द होता बहुत जब रोती है ,वो खूब..।। गाली देना छोड़ दो,मां को खुश रखना ये, ठान लो...।। plz papa..🥹 -mansi negi
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