तुम्हारा नफरत करना भी जायज है
तुम्हारा नफरत करना भी जायज है मुझ पर। क्योंकि तुमे हर खुशी नहीं दे पाया न मैं तभी तो गई हो न तुम हमको छोड़कर इस अजनबी से शहर में पता है तुमको - नहीं रह पाऊंगा तुम्हारे बिना पर तब भी गई हो तुम हमे छोड़ कर तो लगता हैं मुझे की तुम्हे कभी हमसे मोहब्बत थी ही नहीं तो सीधा पहले ही कह लेती की तुम अब परेशान मत करा करो बस - बस एक बार कह लेती। की अब नहीं रहना मुझे तुम्हारे साथ मैं कुछ भी नहीं कहता। पर तुमने कभी कहा ही नहीं अब मुझे समझ नहीं आरा है कि मैं तुमसे नफ़रत करुं या खुद से अर्थात् मैं तुम्हें समझ नहीं आया या फिर तुमने समझने का मौका नही दिया सुधीर मैठाणी ✨
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