कविता
कविता:सनातन विरोधियों को समर्पित एक मोदी है, सब पर भारी चाहे जितना, देते रहो गारी कभी पनौती , कभी नीच माता पर भी उछाला कीच कभी कहा देश को ही बेचा कभी कहा, इसे घटिया नेता समर्थक को कहता अंधभक्त सदा गाली देते रहे हो सख्त। चमचों ,मेरी बात को सुन लो चाहे जितना, तुम सर धुन लो फिर 24 में आएगा मोदी सर कभी pm नहीं बनेगा तेरा खर।। नरेंद्र सिंह 03.12.2023
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
