हिंदी
हिंदी सरल ,सरस ,व्यापक व वोधगम्य है , हिंदी अन्य भाषाओं से रखती तारतम्य है । हिंदी के पास मौलिकता और लालित्य है, हिंदी के पास अति समृद्ध साहित्य है । हिंदी राष्ट्रभाषा है - शान बढ़ाने वाली, हिंदी ही है भारत में एकता लाने वाली । हिंदी समग्र भारत में जन- जन की भाषा है , हिंदी शांति -प्रेम ,सत्य-अहिंसा -की परिभाषा है। हिंदी से विमुख होना , राष्ट्र का बड़ा उपहास है, हिंदी विकास में ही , निहित राष्ट्र का विकास है। हिंदी भारतीय सभ्यता-संस्कृति की परिचायिका है, हिंदी विश्व- वन्धुत्व का नारा देने वाली नायिका है। नरेन्द्र सिंह अतरी गया
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