तुम्हारी तस्वीर!!
वो डायरी में आज भी तुम्हारी तस्वीर रखती है , अपने तन्हा पलों में वो बस तुम्हारी तस्वीर देखा करती है । लोग जरा कम है उसके पास बातें करने को , देखा है मैंने ! अक्सर वो तुम्हारी तस्वीर से बातें करती है। तुम्हें परेशानी ना हो इसलिए वो तुम्हारे पास ज़रा कम आती है । तुम्हें याद करती है ! अक्सर इसलिए वो तुम्हारी तस्वीर देख सो जाती है। तुम्हारी ना मौजूदगी में तुम्हारी तस्वीर इसका सहारा है । उसने बताया नहीं कभी, पर तुम्हारी तस्वीर के साथ उसने लंबा वक्त गुजारा है। मोहब्बत में की बेईमानी से डरती है, इसलिए वो आज भी किसी और से दोस्ती नहीं करती है। चाहे तुम उससे दूर भी रहो ! वो तुम्हारी तस्वीर हमेसा अपने पास रखती है।
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