नींद
मैं प्यासा हूँ इस नींद का हर वक़्त भाये मेरे मन को ये नहीं पता क्यूँ चाहता हूँ इसे हर वक़्त पर मेरी शमता के पाले लगे मुझे प्यारी ये नींद है मेरी आँखों की रानी है मैं इसके बिना नहीं रह सकता ये मेरी जान है, मेरी जानानी है मैं इसकी खातिर सब कुछ भूल जाऊँ मेरी दुनिया ही यही है इस नींद की गोद में मैं खो जाऊँ और मेरी सारी थकान दूर हो जाए
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