तुम क्या करोगे जब मैं ?
तुम क्या करोगे जब मैं नहीं रहूंगा मेरी तस्वीरों को देखकर रो पढ़ोगे या हमारे किस्से हर किसी को बताओगे जब वक्त कम और साथ देखे सपने ज्यादा रह जाएंगे जुदा हम फिर ये मायूस किस्मत से हो जाएंगे जब मेरा जिस्म ही मेरा साथ छोड़ देगा मेरी लकीरें कलाइयों में यूं घुल जाएगी तब तुम क्या करोगे? मुझे ढूंढोगे या खुद को खो दोगे! मुझे मुस्कुरा कर याद करोगे! या आंखों की नमी किसी और से पूछवा दोगे मेरे दोस्तों से मिलोगे , मेरी चीजे अपने पास रखोगे, मेरा खुशबू सा कोई गुजरेगा तो दंग रह जाएंगे या मुझे बुलाने कि सारी की सारी कोशिशें तुम कर डालोगे! कि तुम क्या करोगे जब मैं नहीं रहूंगा ? मेरी जगह किसी और को दे दोगे या काजल की तरह उतर ना सके वैसा इश्क मुझसे करोगे तुम क्या करोगे जब मैं नहीं रहूंगा? - प्रधान
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