आज फिर तेरी याद सता रही हैं
हां आज फिर तेरी याद सता रही है ये शरद हवाए कुछ बातें बता रही है कहा होगे कैसे होगे इसपर चिंता जता रही है बेख्याली में भी बस तेरी याद आ रही है कितनी विचलित हो रही हूं मैं तेरे दीदार को काश तू सामने हो तुझे हाल ए दिन सुना रही होती हां हां पता है मुझे यह मुमकिन नहीं अब तो कुछ बया कर दिया इसपर क्युकी आज तेरी याद सचमुच बहुत सता रही है इन मोटे मोटे आखों से मोतियां बरसा रही है
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