इक दिन सब ठुकराए जाते हैं..
वो दिल के होश उड़ाए जाते हैं, हम भी जान से जाए जाते हैं... सुन इश्क़ का पहला नियम है ये, ता-उम्र साथ निभाए जाते हैं... तुम जाते जाते ये बताती जाना, आशिक़ कैसे भुलाए जाते हैं... मुस्कुराना आदत नहीं थी मेरी, पर ग़म यूँ ही छिपाए जाते हैं... न अब तन्हाई पीछा छोड़ती मेरा, न दर्द से दामन छुड़ाए जाते हैं... आशिक़ सच्चे हो या झूठे हो, इक दिन सब ठुकराए जाते हैं...l राकेश शर्मा
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