शीर्षक :सदा सतपथ पर चल
करें भजन भगवान, वही हैं एक सहारा। करता जो कल्याण, भला हो जीवन सारा।। ईश एक विश्वास, उसे ही अपना जानो । उसके बिना न ठौर, जगत है मिथ्या मानो ।। सदा रहें दृढ़ आप,विपद हो भले घनेरे। भक्तिभाव विश्वास, सदा हो मन में तेरे।। बेड़ा करते पार,एक जो ऊपर वाला। खेते सबकी नाव , वही हैं जग के आला।। चाहे जो हो रार, सदा सतपथ पर चलना। टूटे कभी न आस , राम को हरपल भजना।। रहकर वे अनजान, तारते जो जग सारा । जपो सदा प्रभु नाम,वही हैं तारण हारा।। नरेन्द्र सिंह
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