दोहा
शीर्षक-- सीमा पर तैनात, रखे सुरक्षित देश को, सरहद पर तैनात। बनकर प्रहरी रात-दिन, सहे बहुत आघात।। सीमा पर तैनात जो, भारत की वह शान। जिए जान पर खेलकर, सैनिक वीर महान ।। रहते हैं हम चैन से, सरहद पर जो वीर। रक्षक बनते देश का, रिपु की छाती चीर।। हमें बचाते शत्रु से, सीमा रह तैनात। लगा जिंदगी दाव पर, दुश्मन को दे मात।। नमन कोटि है आपको, जय-जय वीर जवान। आप देश की रीढ़ हैं, सबका हैं अरमान।। नरेंद्र सिंह, 09.05.2025 *
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