टोपी और गाउन
पति-पत्नी एक दूसरे से लड़ते रहते, फ़िर भी प्रेम से रिश्ता निभाते रहते । कभी-कभी पल में झगड़ा ख़त्म हो, कभी-कभी महीनों तक ख़त्म नहीं । मेरे दोस्त का भी ऐसा झगड़ा हुआ, मामूली सी बात पर ये विवाद बढ़ा । पत्नी का गाउन एक रात वो तन्हा, ग़ैर महिला को पहनने को दे दिया । बेचारी मुसीबत की मारी दोस्त से, मदद करने के लिए उसने है कहा । यार ने मानवता का फ़र्ज़ निभाया, पत्नी ने गलत करके पाप कमाया । दोस्त को पत्नी ने जन्मदिन गिफ़्ट, टोपी वापिस लेकर संसार गंवाया ।
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