🌸आदत🌸
जिंदगी के सफर के लिए निकले थे हम तो रास्ते मे अनजाने आए और जाने पहचाने बन गए उन्होने इतना प्यार दिया की ओ हमारे हमसफर बन गए आदत उनकी इतनी लगी की हम उसके बिना रह नहीं सके ये बात जब उनको पता चली तो वो दुरिया बनाते चले गए उन दुरिया का दर्द इतना था कि ओ हम सह नही सके इसलिये हम कहते है की किसी की आदत इतनी ना लगाए की उसके दुरिया का तखलीफ हमें मौत की सजा ना दे पाए /-किरण पडवळ
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