रोला : हो जाओ सावधान
रहे नहीं असि म्यान,शौर्य की गाथा लिखना । खड़ा शत्रु उर तान, अस्त्र से सज्जित दिखना।। रहे छद्म का भान, शस्त्र हो हमारा गहना। खोलो ऑंखें कान, आन के रक्षक रहना।। करता अब अपमान, अधम जो दुष्टाचारी। बची रहे अब शान, करो वैसी तैयारी।। सभी बनो बलवान, जाति का मान बचाओ। क्षात्र धर्म है श्रेष्ठ , सभी को पाठ पढ़ाओ।। नरेन्द्र सिंह, गया
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