गझल : तुम्हे हर सांस
तुम्हे हर सांस अपने दिल मे रखेंगे दिलबर तुम्हे इश्क के, पनाह मे रखेंगे तेरी हर मंजिल की हमराही बनेंगे महेबूब हम तुम्हे,हर वक्तह मे रखेंगे तुम्हारा साथ हम उम्र भर कभी नहीं छोड़ेंगे वादा हमारा सत्य है तुम्हे,निगाह मे रखेंगे पलके भी समय देखती है हुस्न के लिए तडपती बाहे हमारी तुम्हे, इक्ताह मे रखेंगे हमने आपसे कुछ मांगा था जवाब दो अब मैंने आपको चाहा, और रूह मे रखेंगे धनराज नथू बाविस्कर मो.९०१६०३१७१२
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