नहीं होती....
उसे घर ढूंढता है जब वो घर नहीं होती, वहां बारिश तक नहीं वो जिधर नहीं होती, अपने जख्मों को बताना तो चाहती है, वो लड़की पर मुझे कभी मयस्सर नहीं होती, उसी की परछाई में हम भी हो जाए शामिल, वो कब कहां घूमती है मुझे खबर नहीं होती, उसके ठंडे हाथ हो और बुखार की ये तपन, मियां तब बोतलों में भरी दवा असर नहीं होती, लफस ये उसके कि मुझसे बात किया करो, उस बेईमान दोस्त से कॉल तक मगर नहीं होती, नाज़ुक उस जिस्म को अब क्या ही समझाऊं मैं, टूटने से पहले मिलती तो शायद पत्थर नहीं होती, तेरा सजदा नहीं होगा सुन ए-खुदा जब तलक, उसके सब गुनहगारों की हालत बदतर नहीं होती...... ~~ Lakshay 🪶
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