काशीनाथ
काशीनाथ ==================== कब कहा , और कैसै..... तुने मेरे बेजान जीवन मे, जान भर दी, और जगा थोडीही सही, तुने आपने पयरो मे देदी. काशीनाथ तेरा ही भरोसा है, दोस्ती निघाले साथ मत, छोडना......!, कभी, काशीनाथ. "तुही तो देव "तु ही देवोका देव, तुही तो सबमे बसा महादेव, तुने सपोटींग रोल निभाया है हर बार, मेरे लिये......, महाकाल. जीना सिखाया है, हर बार,. हारी बाजी को जीताकर, तुने, बाजीगर बनाया हर बार....., तेरा सुक्रीया कैसै आदा करु..., हे काशी के काशीनाथ, हे कासी के काशीनाथ. =================
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