उम्मीद
यह जो अकसर तू हर बात पर शोर करता है कभी सोचा है इस पर कौन गौर करता है वह वादा तो करता है तेरा दिल बहलाने को निभाने की बात आती है तो कुछ और करता है किसी से सहारे की उम्मीद क्या करनी किसी पे यकीन करना तुझे कमजोर करता है
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