दो अनजान रास्ते
सोच अलग रास्ते अलग तरीके अलग भाव अलग एक शीतल दूसरा गरम स्वभाव शांत तो एक लड़ने को तैयार अनजाने में मिले दो अनजान रास्ते धैर्य पूर्ण तो एक अधैर्य पूर्ण सूरज की छाव की तरह मैं वो चांद की शीतलता को धारण की अनजाने मे मिले दो अनजान रास्ते एक आंसूओ को छुपा सख्त दिखाती हैं उसकी चुपी मैं आंसू ढूंढ लाती हैं एक खुद को अक्सर सबसे बेखबर बताती हैं उसकी कभी चुपी भरी अंदाज को आईना दिखाती हैं शिव का रूप और ब्रह्मा का शांत स्वभाव मिले अनजाने मे मिले दो अनजान रास्ते बेहतर तो सबको मिले वो बेहतरीन मिले सोना एक का प्रेम दूसरी सबसे पहले जगे फोन और किताबो का नाता बना जब दोनो अनजान दोस्त बने अनजाने मे मिले दो अनजान रास्ते
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