सुकुन की बारिश आई
आई रे आई, सुकुन की बारिश आई। तपती गर्मी से राहत देने, सूखे धरती की प्यास बुझाने, सबके मन में उल्लास भरने, दुख के बदली को मिटाने, गुमसुम अधरों पर मुस्कान लाने, इतने दिनों बाद; आज सुकुन की बारिश आई।।
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