"शांति की तलाश"
हर तरफ़ बस शोर ही शोर, सुनकर दिल हो जाता कमजोर। कभी तो मुझको छोड़ भी दो, कम से कम दो पल की शांति दे दो... कभी कोई रोके, कभी कोई टोके, बिन बात के सवालों में झोंके। कभी चुप रहूं, तो खलने लगूं, और कुछ कह दूं, तो जलने लगूं। मुझे थोड़ी शांति चाहिए बस, न कोई शिकवा, न कोई कसक। पर ये दुनिया पीछा ना छोड़े, हर कदम पर मुझे ही टटोले...
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