खुशियां.....
कहते है दीवाली में खुशियां लौट आतीं हैं, तुम भी लौट आओ है अगर खुशी मेरे में तुम्हारी, लौट आयेंगी तुम्हारी भी खुशियां कब तक दबाओगे एक दूसरे की खुशियों का गला खुशियां हम दोनों की हम दोनों से थीं हमारी फरहत से रूबरू है तू भी आ गई दीवाली लौट आ तू भी न लौटने का ग़म इतना न हो जाए। मेरे न होने का ग़म इतना न हो पाए तू मुझे खो के भी मेरा हो जाए । गर मर भी गया तो बुला देख तेरे पास रहूंगा । हो के भी तेरा ही रहूंगा । किसी के लिए मरता तो सब कोई मै तेरे किए जिंदा रहूंगा
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