बेताब
उसका, शहर लौट आना, मेरी खुशियों में इजाफा है मै उसको नजदीक से देख पाऊंगा जैसे चांद की परछाईं दिखती है समुन्दर में मै अब उसको इतने करीब से देख पाऊंगा
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
उसका, शहर लौट आना, मेरी खुशियों में इजाफा है मै उसको नजदीक से देख पाऊंगा जैसे चांद की परछाईं दिखती है समुन्दर में मै अब उसको इतने करीब से देख पाऊंगा
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets