मेरी तमन्ना
सोचता हूं , मिलू एक बार फिर उनसे क्युकी हिसाब करना है सौदे में जो प्यार दिया उस पर एक करार करना है बैठ गई है,दिल के कोने में जैसे कोई जंग हो रोज हरता हूं ,इससे जैसे कोई जंग हो इतना सख्त कहां हूं , मै नहीं तो बेजान होता दिल मुहब्बत से भरा है ना ,तेरे नहीं तो इस जान में जान कहां होता
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