राधा और कृष्ण
राधा और कृष्ण का प्रेम अनमोल, जैसे सूरज की किरणें और चांदनी की पोल। यमुना के तट पर जब मिलते ये दो, प्रेम की बंसी बजती, रास रचता शो। कृष्ण की बंसी का मधुर संगीत, राधा के ह्रदय में बस जाता है गीत। राधा की आंखों में कृष्ण का प्यार, कृष्ण के मन में राधा का सत्कार। वृंदावन की गलियों में चलता है रास, राधा-कृष्ण का प्रेम, हर युग में खास। राधा की मुस्कान में, कृष्ण का जादू, कृष्ण की आँखों में, राधा का वासू। दोनों का मिलन, जैसे आत्मा और परमात्मा, प्रेम की ये गाथा, अनन्त और असीम है सच्चा। राधा-कृष्ण का प्रेम, युगों-युगों की कहानी, इनके प्रेम की महिमा, हर दिल ने जानी। हर प्रेमी के दिल में है इनका बसेरा, राधा-कृष्ण का प्रेम, सच्चा और गहरा।
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