श्रृंगार
काजल बिंदी लाली पाउडर छोड़ो ये सब रहने दो खींच के जुल्फों को बांधो इक लट गालों पर रहने दो नथिया झुमके चुड़ी कंगन इनसे क्या श्रृंगार हुआ तुम काली वाली साड़ी पहनो और सर पे पल्लू रहने दो भाती होगी लोगों को दुनिया की ये चमक धमक तुम तो अपनी सादगी में बस मेरा ये दिल रहने दो सुना है मैने दिलवालों को ये दुनिया पागल कहती है अरे छोड़ो ये तो दुनिया है जो कहती है कहने दो 😊 अल्फ़ाज़ - ए - नीरज ✍🏻
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