एक तरफ़ा मोहोब्बत
बेइंतिहा मोब्बत की हमनें। वों कहते हैं दिखावा करते हो।। हमनें कहा खाना खाया.। वों कहते है सब पूछते हैं। हमने कहा रोना आता है हमें। वों कहते है ड्रामा करते हो।। हमने कहा हर मंदिर मे माँगा हैं तुम्हें। वों कहए हैं क्यों मज़ाक करते हो। हमने कहा सुबह उठते ही ख्याल आता तुम्हारा। वों कहते है इसमें क्या खाश हैं। हमने कहा सच्ची मोहोब्बत हैं तुमसे। वो कहते है सब बकवास हैं।
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