खुद को बेहतर बनाना है
"किसी और से बेहतर नहीं मुझे खुद को बेहतर बना है ! जो कल था उससे सिखकर, एक नया किरदार गढ़ना है ! हर गिरावट को उड़ान में बदलना है, मुझे खुद से ही आगे बढ़ना है । जर्रे जर्रे में उम्मीद जगनी है, और ठोकर से इक राह बनानी है । सपनों को अब हकीकत में ढालना है, खुद की ही परछाई से टकराना है । न रुकना है , ना थकना है , बस हर पल खुद को संवारते रहना है । मंजिल अब कहीं दूर नहीं , क्योंकि मुझे खुद को ही मुकाम बनाना है ।
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