वो मेरी माँ है..
मेरी हर खुशी में खुश होती है जो मेरे हर दर्द में रोती है जो मैं कहीं भी रहूं मेरे साथ होती है जो वो मेरी माँ है... जिसने मेरी खातिर कितना कुछ सहा है कितना कुछ बताया है कितना कुछ अनकहा है जब दुनिया मे मैने अपनी आंखें खोली मेरी माँ सबसे हंसकर के बोली मेरी आँखों का तारा ये मेरा सारा जहाँ है हाँ वो मेरी माँ है.... फिसलते फिसलते कई दफा जब संभला मेरे मुंह से जो शब्द निकला वो भी "माँ" है जिसके लिए हंसकर मैं सारी दुनियां छोड़ दूँ आने वाले हर तूफान को मोड़ दूँ जिसके बिना अधूरा ये ज़मीं आसमाँ है हाँ वो मेरी माँ है.......
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