🌸मैंने संभलना सीख लिया🌸
मैं तेज़ नहीं चली कभी ज़िंदगी में, पर गिरकर उठना अच्छे से सीख लिया। जो लोग “ज़रूरी” कहे जाते थे कभी, उनके बिना भी रहना मैंने सीख लिया। हर मोड़ पे खुद को साबित नहीं किया, बस ख़ुद पर यक़ीन रखना सीख लिया। अब हर किसी को जवाब देना ज़रूरी नहीं, ख़ामोशी को ही हथियार बनाना सीख लिया। जो साथ रुके, उन्हें दिल से अपनाया, जो छूट गए—उन्हें छोड़ना सीख लिया। धीरे चलकर भी दूर तक पहुँची हूँ मैं, क्योंकि मैंने टूटकर भी संभलना सीख लिया।
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