कठपुतली
बांधके प्यार का धागा नाच लिए सब के इशारों पर। दिल घबराया तो हमेशा खुद को अकेला ही पाया। फिर हमने तोड़ दिए सारे बंधन और आंख बंद कर अपने आप पर भरोसा किया। सपने टूटा तो पाया कि सारे ख्वाब मुक्कमल करने का जज्बा दुनिया में नहीं अपने सीने में ही पल रहा।
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