सच्चा प्रेम
खोने या पाने की उम्मिद ना हो जिसमें बिना जताये भी जो निभा लिया जाए! चाहतें ना हो जिसमें की, प्रियतम थोडा बदल जाए! जिस लगाव की कोई सीमा ना हो, निस्वार्थ भाव से जो निभा लिया जाए! मन में जो सदा के लिए, बसा लिया जाए..! इस भाव में तुम बह जाओ, तो तुम्हें भी सच्चा प्रेम हो जाए! मनोज सोरेन ✍️✍️✍️✍️ दुमका jharkhand
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