खीलोना
खालोना ======================= बहोत पहले, रामायण महाभारत, हुआ, था क्या भुल गये क्या, नारी अपमान का बदला, क्या होता है. क्या तुम्हे मालुम नही शायद. लाखो वंश और परीवारोका , नामोनिशाण मीट गया ईस हावस के खेल मे , काहानीया भरी पडी है कीताबोमे, जो शायद तुमने पिढी नही है अभी शायद. बहोत बुरा अंजाम होता है, जब देव धरती पे जज करने आता है, शायद तुम भगवान को नही....., माणते क्या. भगवान आगर देर करे ईस कलीयुग मे तो, फीर.........., !, तुम्हे मीटाने मे शस्त्र अस्त्र की जरुरतही क्या है, बस तुम्हारी कुछ बुरी आदत, करलो कॅमेरे रेमे केद........, जो तुम..... औरत को खीलोना समझकर करते हो. आपने मोबाईल मे. और एक एस एम एस........, आगे की सजा तो तुम्हारा परिवार ही, देदे........!, क्या तुम्हे कुछ ईस का पता नही है शायद, खुले महोल मे जीने का हक है उन्हे,मी, उसे तुम क्यु खीलोना समजते हो, उसे तुम क्यु खीलोना समजते हो. ========================= =============================
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