रोजी रोटी
===== मेहनतही सही तरीका है, खुद को आजमानेका..., एक मोका तो पकडना है, बुरे से बेहतर और क्या है. रोजी रोटी के लिये, नीकल पडे घर से....., जीगर का खेल अब...., आकेलेही सही......., आब तो लढना है. जमाना क्या जाने त्तयारीया .., कब काहासे हुई है, नाजाने कीतने ...., नंजआंदाज हुये है..., !. भिड से अलग जो हुये है, महादेव का भक्त बणकर, आत्मज्ञान का बोध......, कुछ हुआ है कुछ होणा आभी बाकी है, कुछ हुआ है कुछ होणा आढी बाकी है. ===================
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