घनाक्षरी छंद
प्रयाग में कुम्भ मेला,उत्तम है शुभ बेला, नागा, साधु,अन्य भक्त,बोले माँ गंगे हर हर। हिन्दुओं का बड़ा झुंड,दिखे सिर्फ मुंड मुंड, त्रिवेणी संगम पर,उड़े भगवा फर फर। सैंकड़ो बरस पर,आया ये सुअवसर, धूम मची है सर्वत्र,हो रही चर्चा घर घर। नगरी यह आस्था की,जो उत्तम व्यवस्था की, स्नान किए कोटि लोग,अनेक रूप धर धर।। नरेंद्र सिंह,गया 22.01.2025
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