हानिकारक घेरा
घड़ी के काटे के जैसे फंस गए हम एक अविराम से अमंगल चक्र में। दलदल से पैर को जितना बाहर खींचो वो उतना अटकता जाए जैसे बांध लिया हो हमे किसी ने अर्जुन के चक्रव्यूह में और निकलने के सारे रास्ते हमेशा के लिए बंद कर दिए हो।
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