कलम का सफर✍️
जरा आहिस्ता चल ए कलम,✍️ सफर बहुत बाकी है बयां कर सके जो दर्द और फसाने वो अल्फ़ाज़ अभी बाकी हैं🤗😒 तेरी तेज रफ्तार से कहीं छूट न जाएं मेरे जीवन के अनकहे किस्से 😒 तेरे इस सफर का अंत तो मालूम नहीं लेकिन आगाज अभी बाकी है🤨 **स्नेहा मिश्रा
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