चाय
चाय सिर्फ एक चाय नहीं होती है जनाब चाय तो होती है मानरक्षक व लाजवाब। चाय एक उपचार है चाय एक शिष्टाचार है चाय अतिथि सत्कार का पेय है चाय इज्जत बचाने का एक श्रेय है चाय बिना अतिथि की सेवा हेय है चाय का प्रभाव अजेय है चाय सुबह का प्रथम डोज़ है चाय संसार की एक अनुपम खोज है। थके-मांदे जन की दवा ये प्यारी किसी भी ऑफिस में तो गजब ये न्यारी गरीब हो या अमीर का गृह सबों के घरों में यह है लोकप्रिय। चाय सिर्फ नहीं है चाय ये दर्शाती है प्रेमभाव मजबूती देती है रिश्तों में प्यार को ये बढ़ाती है ग्राहक और व्यापार को। नरेंद्र सिंह 24.12.2023
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