सब्र
ख्वाहिश इतनी है तुम्हें छूना की अगर हम बारिश होते तो सिर्फ तुम्हें छुने के लिए जमीन पर गिरते और सब्र इतना की सिर्फ तुम्हें दूर से देख कर खुश हैं हम 🩵
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