क्या गलत किया ...?
सब ने बोला सोच समझ कर निर्णय करो, पर मुझे जो सही लगा है , वहीं करू ।। हां माना की हूं मैं अनूठा, क्या अपनी मर्यादा भी भूल जाऊं ।। जो अपनो को झिझोके, मैं हर उस कण कण से दुखता हूं ।। क्या तब भी मैं चुप रहूं , जब पल पल की बात जनता हूं ।। हां मैं भी दुखता हूं, जब अपनो को टूटता देखता हूं।। युद्ध तब तब हुआ , जब जब नारी का अपमान हुआ ।। हां मैं प्रतिकार करूंगा , हर बार संहार करूंगा ।। क्योंकि जिसने अपने का सम्मान ना बनाया , वो कैसे रामचंद का वंशज कहलाया...?
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