जब मन भर जाए तो बता दिया करो
जब मन भर जाए तो बता भी दिया करो, ऐ दरिया—डुबोने लगो तो इत्तिला कर भी दिया करो। बेवफ़ाई के बाग़ीचे में एक फूल वफ़ा का भी बोया करो, जब कोई तुम्हारे जहाँ में बसा हो, तो किसी माँ की कोख न उजाड़ा करो। किसी की फाँसी मुकर्रर करने से पहले, उसका गुनाह तो बता दिया करो। ये जो हर किसी का सुरूर लिए घूमते हो, कभी किसी को सच्चे दिल से अपना भी लिया करो। “I love you” और जिस्म के ताल्लुक़ से परे, कभी किसी के होकर देख भी लिया करो।
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