दोहा
तू महान रख ज्ञान। इज्जत पाते नर वही, जिसका ज्ञान महान। विद्या के फल बैठकर, खाता वह इंसान।। मानव ज्ञानी जो रहे, मिलता उसको मान। शिक्षा उत्तम प्राप्त कर,तू महान रख ज्ञान।। पूजा जाता नर वही*, जिसके पास विवेक। तू महान रख ज्ञान को, बनकर रहना नेक।। नयन खोल कर देख लो, ज्ञानी करता राज। अनपढ़ जो संसार में, करे श्रमिक के काज।। सारी दुनियाँ* अब करे, पढ़े-लिखे पर नाज। ज्ञानी बनकर तू करो, सबके दिलपर राज।। नरेंद्र सिंह
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
