.....
ना कहो किसी को अपनी बातें, जब ना सुनें, ना समझें, कोई तुम्हारी बातें, पर कहना है, तुम्हें जरूरी, ना रखो उसे तुम अपने मन मे, लिख डालो सब कुछ तुम, जरूरी नही की शायरी या कविता लिख डालो तुम, बस मन हल्का कर लो तुम..... || हमेशा positive खुद को रखो तुम, थोड़ा सा धैर्य रखो तुम, बस लिख डालो,सब कुछ तुम, मन हल्का कर लो तुम..... || -mansi negi || sayaran64 ||
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
