दोस्त बदल गया !
हर दम हर कदम साथ तेरा था..! खुशी मेरी, हँसी तेरी थी..! साथ तेरा, हाथ मेरा था..! कभी तु रूठा, मैंने मनाया..! कभी मैं रूठा, तुने मनाया..! किन्तु अब.. रोते-रोते थक जाता हूँ..! मनाते-मनाते रूठ जाता हूँ..! पुरानी यादों में खो जाता हूँ..! हँसते-हँसते रो जाता हूँ..! दोस्ती हमारी कभी फूलों सी महकती थी..! दोस्ती हमारी कभी जुगनू सी जगमगाती थी..! न जाने क्यों अब बेगाने से लगने लगे हो..! न जाने क्यों अब राज छुपाने से लगे हो..! अब वो दोस्ती नहीं, जो कभी हुआ करती थी ..! अब दोस्ती की वो खुशबु नहीं, जो कभी बिखरा करती थी..! ख्वाव था अधूरा रह गया..! सबकुछ दोस्त ही था...फिर भी बदल गया..! -रावल
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
